महंगा पड़ा IPL का खेल !

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भारतीय क्रिकेट टीम में 'द वाल' के नाम से मशहूर राहुल दविड़ का भविष्य बंगलुरु रॉयल चैलेंजर्स (बीआरसी) में अनिश्चित सा दिख रहा है, लेकिन अगर आईपीएल का मौजूदा सत्र द्रविड़ के लिए ट्वेंटी-20 क्रिकेट से विदाई का सबब बना तो टीम के प्रोमोटर विजय माल्या और यूनाइटेड स्पिरिट्स (यूएसएल) को 2 करोड़ डॉलर तक का नुकसान हो सकता है।

ईटी ने खुलासा किया था कि माल्या फरवरी में लगी आईपीएल की बोली में खर्च को लेकर असंतुष्ट हैं और अब बीआरसी खेमे के सूत्रों ने कहा कि जरूरत पड़ने पर माल्या टीम में आमूलचूल बदलाव कर सकते हैं, ताकि दूसरे सत्र में कामयाबी हासिल की जा सके।

बीआरसी टीम के प्रदर्शन को देख कर इसे 'टेस्ट टीम' कहा जाने लगा है और इसे दुरुस्त करने की जरूरत महसूस की जा रही है। माल्या ने ईटी से कहा था, 'मुझे एक साल का समय दीजिए, अगले साल हम विजेता होंगे।' सफलता आसान या सस्ती नहीं होती है। उदाहरण के लिए ट्वेंटी-20 में खराब प्रदर्शन से जूझ रहे कप्तान द्रविड़, कैलिस और वसीम जाफर को अगर टीम से बाहर निकाला जाता है तो प्रबंधन को इन खिलाडि़यों को तीन साल की करार राशि का भुगतान करना होगा।

राहुल द्रविड़ के एक साल की फीस ही तकरीबन दस लाख डॉलर है। सबसे महंगे खिलाड़ी जैक कैलिस 900,000 डॉलर प्रति वर्ष पर तीन साल के लिए अनुबंधित हैं। इन दो खिलाडि़यों को ही टीम से हटाने पर माल्या को तकरीबन 60 लाख डॉलर की चपत लगेगी। इतना ही नहीं, द्रविड़ को टीम से बाहर करने पर बंगलुरु के क्रिकेट प्रशंसकों से भी हाथ धोने का खतरा है।

नियम कायदे की बाधा माल्या के लिए नई नहीं है। शराब और विमानन क्षेत्र की तरह आईपीएल के नियम भी बीआरसी के पुननिर्माण की योजनाओं की राह में आ सकते हैं। मौजूदा नियमों के अनुसार कोई फ्रेंचाइजी टीम में अधिकतम आठ विदेशी खिलाड़ी रख सकती है, जबकि इनमें से केवल चार ही एक समय में मैदान में उतर सकते हैं। इसका मतलब है कि नए खिलाडि़यों को जगह देने के लिए कई बुढ़ाते विदेशी खिलाडि़यों को बाहर का रास्ता दिखाना होगा। बहरहाल नियमों में बदलाव की आवाज उठाने में माल्या को कुछ अन्य फ्रेंचाइजी की मदद मिल सकती है जो उनके जैसी स्थिति का शिकार बनी हुई हैं।

ट्वेंटी-20 प्रतियोगिता के जानेमाने खिलाडि़यों को हासिल करना और भी मुश्किल होगा। इस सत्र के बाद किसी खिलाड़ी की बोली नहीं लगेगी, बल्कि फ्रेंचाइजी को एक सीमित अवधि के लिए आपस में इन खिलाडि़यों की खरीद-फरोख्त की छूट दी जाएगी। यूरोपीय फुटबाल क्लबों के नामचीन खिलाडि़यों की तरह आईपीएल की टीमें अपने स्टार क्रिकेटरों का दाम आसमान पर रख सकती हैं। ट्वेंटी-20 प्रतियोगिता के जानेमाने खिलाडि़यों को हासिल करना और भी मुश्किल होगा। इस सत्र के बाद किसी खिलाड़ी की बोली नहीं लगेगी बल्कि फ्रेंचाइजी को एक सीमित अवधि के लिए आपस में इन खिलाडि़यों की खरीद-फरोख्त की छूट दी जाएगी। यूरोपीय फुटबाल क्लबों के नामचीन खिलाडि़यों की तरह आईपीएल की टीमें अपने स्टार क्रिकेटरों का दाम आसमान पर रख सकती हैं।

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